POCSO कानून 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों (चाहे वह लड़का हो या लड़की) को यौन शोषण, छेड़छाड़ और साइबर अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत दर्ज़ मामले बहुत सख्त होते हैं और इसमें पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी होती है।
- जानकारी छिपाना अपराध है: अगर किसी (टीचर, डॉक्टर, पड़ोसी या रिश्तेदार) को पता है कि बच्चे के साथ कुछ गलत हुआ है और वह पुलिस को नहीं बताता, तो उसे भी 6 महीने तक की जेल हो सकती है (Section 19)।
- सहमति (Consent) मान्य नहीं: 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे की "सहमति" को कानून में कोई अहमियत नहीं दी जाती। यानी अगर कोई वयस्क (Adult) यह कहे कि "बच्चे की मर्ज़ी थी", तो भी वह गंभीर अपराध है।
बच्चे डरे नहीं, इसलिए POCSO कानून में पुलिस और कोर्ट के लिए बहुत सख्त नियम बनाए गए हैं:
- सादे कपड़ों में पुलिस: बच्चे का बयान दर्ज करने के लिए पुलिस अधिकारी हमेशा सादे कपड़ों (Civil dress) में आएगा, वर्दी में नहीं, ताकि बच्चा डरे नहीं।
- महिला अधिकारी: बच्ची (Girl child) का बयान सिर्फ एक महिला पुलिस अधिकारी (Sub-Inspector या उससे ऊपर) ही दर्ज़ करेगी।
- थाने नहीं बुला सकते: बच्चे को रात में या किसी भी समय बयान देने के लिए पुलिस स्टेशन नहीं बुलाया जा सकता। बयान बच्चे के घर पर या उसकी पसंद की सुरक्षित जगह पर ही लिया जाएगा।
- पहचान पूरी तरह गुप्त: किसी भी हालत में बच्चे का नाम, फोटो, स्कूल का नाम या पता मीडिया, न्यूज़ चैनल या सोशल मीडिया पर नहीं डाला जा सकता।
- आरोपी से आमना-सामना नहीं: कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह सुनिश्चित किया जाता है कि बच्चा उस आरोपी (अपराधी) को न देखे, ताकि वह डरे बिना सच बोल सके।
हर बच्चे (और माता-पिता) को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच का अंतर पता होना चाहिए। शरीर के प्राइवेट पार्ट्स (होंठ, छाती, दोनों पैरों के बीच और हिप्स) को स्विमसूट रूल्स (Swimsuit Rules) कहा जाता है।
Good Touch (सुरक्षित)
वह स्पर्श जिससे बच्चा सुरक्षित और खुश महसूस करता है। जैसे माता-पिता का गले लगाना, पीठ थपथपाना, या दोस्तों से हाथ मिलाना।
Bad Touch (असुरक्षित)
वह स्पर्श जिससे बच्चा डर जाए, असहज हो या अजीब लगे। कोई जबरदस्ती छुए, प्राइवेट पार्ट्स को छुए या बच्चे को छूने के लिए कहे। अगर ऐसा हो तो बच्चे को ज़ोर से "NO" बोलना चाहिए और भाग कर किसी भरोसेमंद को बताना चाहिए।
आजकल अपराधी इंटरनेट (Instagram, Snapchat, Online Games) के ज़रिये बच्चों से दोस्ती करते हैं और उन्हें फंसाते हैं। इसे Online Grooming कहते हैं।
- फोटो शेयरिंग: 18 साल से कम उम्र के बच्चे की आपत्तिजनक फोटो मांगना, रखना या इंटरनेट पर शेयर करना POCSO और IT Act के तहत बहुत बड़ा जुर्म है।
- ब्लैकमेलिंग: अगर कोई ऑनलाइन फेक ID बनाकर बच्चे को ब्लैकमेल कर रहा है, तो घबराएं नहीं। तुरंत 1930 पर कॉल करें। बच्चा इसमें अपराधी नहीं, बल्कि पीड़ित (Victim) है।
आपातकालीन बाल हेल्पलाइन
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